लहसुन के स्वाद को नियंत्रण में रखें

अगर लहसुन को काटकर टुकड़े कर लें या ओखली और मूसल में पीस लें अथवा छुरी से बारीक या मोटा काटें, इससे

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controlling the strength of garlic

अगर लहसुन को काटकर टुकड़े कर लें
या ओखली और मूसल में पीस लें अथवा छुरी से बारीक या मोटा काटें, इससे स्वाद
में क्या अंतर आएगा? कभी-कभी आलस के कारण हम लहसुन को न पीसकर काट लेते
हैं लेकिन इनमें कौन-सा सही है?

लहुसन के इस्तेमाल करने के ऊपर उसका
स्वाद निर्भर करता है। पकाने के वक्त उसके इस्तेमाल करने के तरीके पर
स्वाद का तीखा या मृदु होना निर्भर करता है। बिना छिलका छुड़ाए लहुसन का
शीर्ष बिना महक वाला होता है क्योंकि हर फलक का अलग महक वाला एजेंट और
एन्ज़ाइम रहता है जिससे वह निकलता है। पीसे हुए, टुकड़ों में काटे हुए,
दबाए हुए किसी भी तकनीक से पकाने पर कोशिकाओं का दीवार टूट जाता है, लहसुन
का अलग स्वाद और महक निकलने लगती है। जितनी कोशिकाएँ टूटेंगी उतना ही तीखा
स्वाद निकलेगा। कितना बारीक काट रहे हैं इस पर लहसुन की महक की उग्रता
निर्भर करती है।

रसोइए के हिसाब से आप इस पर नियंत्रण रख सकते हैं।
मुख्य बात तो यह है कि आप कितना दबा रहें है, पीस रहे हैं या काट रहे हैं
और कितनी देर तक खाने को पका रहे हैं इस पर व्यंजन में उसका स्वाद निर्भर
करता है।

पाक-शैली ही मूल भूमिका में आती है। धीरे-धीरे पकाने पर
उग्रता भी कम होती है, जैसे एजेन्ट ताप में महक के वाष्पीकरण को नियंत्रण
करता है। इसलिए लहसुन का शीर्ष धीरे-धीरे पकाएँ अगर एक भी फलक का शीर्ष छील
दिया जाएगा या पीसा जाएगा और अगर कच्चा इस्तेमाल किया जाएगा तो तीव्र महक
निकलेगी।