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अद्वितीय इतिहास से भरपूर, शास्त्रीय कला और स्थापत्य, पुराने शहर और गाँव, शानदार परिदृश्य, समुद्रतट से सजा हुआ और दुनिया का सबसे ग्रहण योग्य, पाकशैली- ग्रह के हर प्राणी का इटली स्वप्न स्थल है, जहाँ हर कोई जाना चाहता है। इटली शब्द का उद्भव इटालिया शब्द से हुआ है। वस्तुतः इसका मतलब ‘कॉफ लैण्ड’ है क्योंकि दक्षिण इटली के आदिवासियों का प्रतीक बैल है।

रोम इटली की राजधानी है जिसकी जलवायु आभ्यंतरिक है और उत्तरी प्राँत में उच्च पहाड़ी वाला स्थल है और दक्षिण गरम और सूखा। रोमन में कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट और ज्यूइश मूल धर्म मानने वाले समुदाय के लोग रहते हैं। इनके साथ मुस्लिम आप्रवासी समुदाय की संख्या बढ़ रही है।

रोम, वेनिस और फ्लोरेंस जैसे प्रधान शहरों में विपुल मात्रा में ऐतिहासिक और कला का विरासत बड़ी संख्या में सैलानियों को आकर्षित करती है। इनमें कुछ दर्शनीय स्थल है वेनिस का कैनल के साथ गन्डोला राइड, पीसा का लीनिंग टावर, कोलोसियम, सन जिमिगनैनो का टावर और मानारोला और सियेना, नेपल्स, आइल ऑफ कैपरी, सिसली, आदि।

संक्षेप में इटालियन पाकशैली

बहुत कम ही देश है जहाँ दोपहर के खाने के बाद सब बंद हो जाता है। इटली इनमें एक है। दोपहर को हर शहर का रास्ता शाँत रहता है। दूर से घर के भीतर से आवाज़ प्रवाहित होती है, ग्लास की आवाज़, हँसने और ऊंची आवाज़ में बात करने की आवाज़ इटली में, मील खाना की तरह साधारण नहीं होता है। यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक अवसर है जो घंटों तक चलता है, परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर बातें करते हैं, दिन-भर के खबरों का आदान-प्रदान करते हैं, मज़ाक करते हैं, वाद-विवाद करते हैं और साथ ही टेबल भी थपथपाकर बातें करते हैं। इटालियन अनुष्ठान पसंद करते हैं। मील का हर समय उनके लिए समारोह होता है। वे बहुत ही सुंदर तरीके से अपना जीवन-यापन करते हैं।

इटालियन पाक-शैली दुनिया का सबसे लोकप्रिय पाक-शैली होता है और कारण भी सही है। इटालियन खाना में विस्तृत परिदृश्य, लोग और खाने का बाज़ार और उनकी ताज़गी भी है और जहाँ ताज़ा खाने का लुत्फ हमेशा उठा सकते हैं। हर प्राँत का खाना भी अलग-अलग होता है और पाक-शैली भी जलवायु और भौगोलिक स्थिती पर निर्भर करती है। पाक शैली की तकनीक भी सामान्य होती है - लेकिन सबसे स्पष्ट दृष्टिकोण यह है कि इटालियन पाक-शैली के गंध, स्वाद, रूप का केंद्र उसकी अच्छी सामग्री होती है। दोष-रहित सामग्रियों के साथ सावधानीपूर्वक बनाया जाता है - इटली के बारे में यही सब है। अंत तक ग्रहण योग्य होता है - इटालियन पाक-शैली जल्दी ही इस्तेमाल भी किया जा सकता है और क्षुधावर्द्धक भी होता है जो आधुनिक जीवन-शैली के अनुसार बिल्कुल उपयुक्त है।

ऑलिव से पकाया जाता है जो फल और तेल दोनों में होता है यह इटालियन पाक-शैली का प्रधान अंग होता है। हर प्राँत में ऑलिव॑ आइल का इस्तेमाल विस्तृत रूप से किया जाता है क्योंकि यह हर व्यंजन में अपना स्वाद प्रदान करता है साथ ही सुगंधित हर्बस् जैसे बेसिल, ओरगैनो और पुदीना भी अपना स्वाद प्रदान करता है। बेसिल लोकप्रिय पेस्टो सॉस का पक्षपोषक है जिसमें बेसिल, लहसुन, चिलगोज़ा, पेकोरीनो चीज़, मारजोरम और पार्सले को पीसकर ऑलिव॑ आइल के साथ जोड़ा जाता है। यह सॉस कई तरह के सूप और पास्ता के व्यंजन का प्रधान अंश होता है।

भारतीयता से संबंध

भारतीयता का इटालियन खाद्द से विशेष आत्मीयता है। भारतीय एशिया के इटालियन है और हर इटालियन कुछ हद तक भारतीय है और उपाध्यक्ष प्रतीकूल है। इटालियन के संस्कृति में भोजन की प्रधानता होती है, उनका यह लगाव खाना बनाकर पूरा होता है। दादी माँ के विशेष रेसिपी का खज़ाना मिलेगा, एक बड़ी मुस्कान और परिवार को जोड़ने का मंत्र यही उनकी संस्कृति है। यह संस्कृति भारतीय संस्कृति के समानान्तर है।

हल्का कड़वा मारज़ीपान का स्वाद भारतीय बदाम की बर्फी से मिलता है तो कुरकुरा नमकीन पानेली भुजिया की तरह लगता है और कारिनास दी सेजी आश्चर्यजनक रूप से बेसन पूड़ा की तरह ही होता है। इसलिए यह कहना सही होगा कि स्वाद में अंतर होने के बावजूद पाक-शैली में आश्चर्यजनक रूप से समानता है।

पास्ता की भूमि

पास्ता राष्ट्रीय व्यंजन हो सकता है, इटालियन सभ्यता का यह एक अद्वितीय खोज है। इसका चरित्र निभ्रांत है और शताब्दियों से इसको खाने की आदत है और दुनियाभर के लोग इसको खाते हैं। रोमन साम्राज्य के समय से आज तक सिर्फ इसका रूप ही बदलता रहा। यह कीचन का बहुमुखी प्रतिभावाला सामग्री है। इसको मीट से लेकर मछली या सब्ज़ी से लेकर फल किसी के साथ भी सम्मिश्रत कर सकते हैं। यहाँ तक कि, स्वादिष्ट पास्ता को सामान्य हर्ब सॉस के साथ भी परोस सकते हैं।

बहुत बड़ी संख्या में पास्ता के विभिन्न प्रकार उपलब्ध हैं। कुछ सूखे और ताज़ा रूप में उपलब्ध है। लेकिन घर के बने ताज़ा पास्ता को कोई हरा नहीं सकता है। थोड़ा समय लगता है, मगर आसान है, थोड़ी-सी कोशिश करने की ज़रूरत होती है।

भारतीय बाज़ार में जो प्रकार लोकप्रिय हैं, वह हैं-

•पेनी रिगेटी - ट्यूब के आकार में
•फारफैले - चाप या तितली के आकार का
•फ्यूसील्ली - सर्पिल आकार का
•मैकारोनी - पेंसिल के आकार का
•स्पेघेटी - नूडल्स के आकार का
•कॉनचिग्ली – अंडाकार का
•लसान्या शीट - बड़ा, चपटा पास्ता का शीट

पास्ता को बनाते वक्त एक विशेष लोकप्रिय शब्द का व्यवहार किया जाता है- ‘अल डेनटी’, जिसका हुबहु अनुवाद करने पर ‘दाँत से’ या ‘चबाने से’ यह शब्द इटालियन पाक-शैली में इस्तेमाल होता है। इसका मतलब है पास्ता नरम पकाना चाहिए, ज़्यादा सख्त नहीं होना चाहिए।

इटालियन पाक-शैली संबंधी स्थान

इटली के दो मुख्य क्षेत्र हैं-

वाइन और ऑलिव॑ क्षेत्र, जिसके अंतर्गत अंब्रिया, लिंगुरीआ और दक्षिण का प्राँत आता है।

मवेशियों का देश, जहाँ ऑलिव॑ का पेड़ नहीं उगता है - एमेलिया-रोमाग्ने, लोमबार्डी और वेनेटो - लेकिन दूध और मक्खन का उत्पादन बहुतायत मात्रा में होता है।

जबकि टस्कनी प्राँत एक अपवाद है जहाँ मक्खन और तेल से खाना पकाया जाता है और मवेशी और ऑलिव॑ का पेड़ प्रचूर मात्रा में पाया जाता है।

अंब्रिया

अंब्रिया॑ अंतदेर्शीय पॉक के लिए मशहुर है, स्थानीय ताज़े सामग्री का इस्तेमाल पाकशैली में होता है, जिनमें मेमना, गेम और लेक के ताज़ी मछली होती है। स्पीट-रोस्टींग और भूनना लोकप्रिय है और स्थानीय ऑलिव॑ आइल का इस्तेमाल खाना पकाने में होता है और व्यंजनों के ऊपर डाला जाता है। ब्लैक ट्रफल, ऑलिव॑, फल और हर्ब प्रचूर मात्रा में मिलता है।

लिंगुरीआ

इटालियन रिवेरा में अच्छा ट्राटोरियस पाया जाता है, जिससे स्थानीय ऑलिव॑ आइल का इस्तेमाल करके आश्चर्यजनक स्वाद वाला मछली का व्यंजन पकाया जाता है। पेस्टो सॉस के स्वाद के लिए बेसिल, चीज़ और चिलगोज़ा यहीं से उपलब्ध होता है। दूसरे सॉस के साथ भी इस्तेमाल होता है। ताज़े हर्बस् का कई व्यंजनों में तथा पीज़ा में इस्तेमाल होता है।

एमेलिया रोमाग्ने

तोरतेलिनी और लसान्या यहाँ दृष्टिगोचर होते हैं, उसके साथ पास्ता का और व्यंजन, सालटीमबोक्का और दूसरे वील के माँस का व्यंजन भी है। पास्ता अपने हैम के लिए मशहुर है, दुनिया का सबसे अच्छा प्रोस्क्वीटो द पारमा होता है। बालसमिक विनेगर का यहाँ उत्पादन होता है।

लोमबारडी

शहर के नाम के बाद रिज़ोटो का घर मिलान हो गया और नींबु के साथ मिलानेस सोफीली का स्वाद तीखा होता है। इस प्राँत का लेक ताज़ी मछलियों का खज़ाना उत्पादित करता है। चावल और मकई की खिचड़ी लोकप्रिय है, लेकिन पास्ता कई कूटवेश में प्रस्तुत होता है। मशहुर मीठा यीस्ट केक पैनेटोनी इस प्राँत का उत्पादन है।

वेनेटो

मकई की खिचड़ी लगभग सभी चीज़ के साथ परोसा जाता है। पास्ता का चलन यहाँ कम है, गनाश और चावल के साथ चलता है। मछली में शेलफिश यहाँ प्रचूर मात्रा में पाया जाता है। अच्छे सीफूड और सॉसेज अच्छे होते हैं।

टस्कनी

टस्कनी ही सब कुछ है - मछली, दाख की बारियों वाली पहाड़ी और उपजाऊ मैदान में लगभग सभी फल और सब्ज़ी का उत्पादन होता है। इस प्राँत में बहुत सारे खेल हैं। लिवर के रेसिपी के साथ गाढ़े टमाटर के सॉस में ट्रिप को पकाना बहुत लोकप्रिय है। बीन्स भी कई भेष में दृष्टिगोचर होता है - जैसे- पॉट रोस्ट, स्टेक (माँस या मछली का टुकड़ा) और सूप, सभी अच्छे स्वाद वाले होते हैं। फ्लोरेन्स में कई विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं, जबकि सिएना में मशहुर कैन्डीड फ्रूट केक जिसे पैनफॉरटी द सिएना कहते हैं।

इटालियन र्कोस

यहाँ मुख्य रूप से चार कोर्स हैं, जो इटालियन मील का सख्त रूप से आधार शिला माना जाता है - जिसका पूरा इटली अनुसरण करता है - जिसको घर से स्थानीय रेस्तरां से लेकर बड़े होटल तक मानते हैं।

ऐन्टिपास्तो (ऐपिटाइज़र)

इस शब्द का मतलब है भोजन की शुरुआत और जो साधारणतः सूप, चीज़ और दूसरे माँस, मछली और सब्ज़ी के व्यंजन के बने होते हैं। सभी ऐन्टिपास्तो॑ के व्यंजन ताज़ा बेक किए हुए कुरकुरे ब्रेड के साथ खाये जाते हैं। कुछ सामान्य व्यंजनों में स्टफ, फ्राइ या बेक किया हुआ धूप में सूखा टमाटर, ऑलिव॑, कूरगे का फूल और दूसरे सब्ज़ी, ग्रिल किया हुआ गोल बैंगन, फ्रीटाटा, ब्रुशेट्टा और छोटा टार्ट आदि शामिल है।

प्राइमो (पास्ता)

ऐन्टिपास्तो॑ के बाद प्राइमो आता है जो पास्ता का व्यंजन है और ब्रेड के साथ खाया जाता है।

सेकेंडो - पीसे (मछली), कारने (मीट)

तीसरी पंक्ति को सेकेंडो कहते हैं जहाँ ताज़ी मछली या एक टुकड़ा ताज़ा मीट ग्रिल किया हुआ और यह नींबु के साथ परोसा जाता है। इन व्यंजनों के साथ देनेवाली बहुत चीज़ें हैं - ठंडा या ग्रिल किया हुआ सब्ज़ी के ऊपर ऑलिव॑ आइल का छिड़काव, सलाद, फ्राइड आलू आदि।

डॉलसी (डेज़र्ट)
आखरी चीज़ है डॉलसी जिसका मतलब है मील, जो भोजन के अंत में दिया जाता है। इटालियन डेज़र्ट में ताज़े फल से लेकर केक सभी शामिल होते हैं।

इटालियन रसोईघर के लिए लोकप्रिय सामग्रियाँ
पास्ता के अलावा बहुत सारी सामग्रियाँ और भी हैं और यह सच्चे इटालियन के लिए है - बड़े सूची में से कुछ यह है---

चावल इटालियन पाक-शैली में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, विशेषकर रिज़ोटो के लिए, जो प्राइमो है और पहला र्कोस है। चावल के विशिष्ट प्रकारों में आरबोरिओ और कारनारोली का इस्तेमाल करके रिज़ोटो बनाया जाता है। भारतीय बासमती के तुलना में चावल के दाना को पकाने में समय लगता है।

इटालियन भोजन में मछली का विशिष्ट स्थान है, जो विस्तृत समुद्रतट के लिए प्रचूर मात्रा में उपलब्ध हो पाता है। मछली साधारण तरीके से ऑलिव॑ आइल और नींबु के साथ ग्रिल करके या बेक करके पकाया जाता है। स्थानीय मछलियों में रेड स्नैपर, बेक्टी, पॉमफ्रेट, सोल, सिंगुर, फींग फिश, सी बास, मैकरेल आदि होता है।

हर तटवर्ती में फिश सूप ज़रूर पाया जाता है।

शेलफिश में प्रॉन और श्रिम्प, नमकीन उबलते पानी में पकाया जाता है, और कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है जैसे - पास्ता के लिए सॉसेज, गरम कोयले पर ग्रिल करके, पैन फ्राइ करके आदि।

मीट भी बहुत लोकप्रिय है विशेषकर बछड़े का माँस इटालियन पाक-शैली का दूसरा अंग है। दूसरे माँस में चिकेन, मेमना और पोर्क।

ताज़ी सब्ज़ी का इस्तेमाल करके बहुत तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं। कुछ सामान्य सब्ज़ियों में गाजर, बीन्स, फूलगोभी, टमाटर, पेप्पर, प्याज़, लहसुन, शतावरी, लीक, ज़ुकिनी, आदि आते हैं। नींबु एक ऐसा सामग्री है जो इटालियन व्यंजन में स्वाद लाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

इटालियन पाक-शैली का दूसरा महत्वपूर्ण सामग्री चीज़ है। बहुत तरह के होते हैं, जैसे – पारमेज़ान (परमीजीआनो रेगिआनो), मास्करपोन, गोरगॉनज़ोला और रिकॉटा।

पारमेज़ान चीज़ इटालियन चीज़ में राजा है जो एक ग्लास वाइन पास्ता के साथ अच्छा लगता है। यह मारमालेड डेजंर्ट के साथ भी खाया जाता है।

मास्करपोन चीज़ क्रीम चीज़ का भारी रूप है जो पास्ता सॉस और दूसरे डेज़र्ट के साथ अच्छा लगता है। इस चीज़ से तीरामीसु अच्छा
लगता है।

गॉरगोनज़ोला चीज़ ब्लू-वेन्ड चीज़ है जो यूं ही खाया जा सकता है या सॉस बनाने में या चीज़ प्लैटर बनाने में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

रिकॉटा चीज़ हल्का और दानेदार होता है जो पनीर की तरह लगता है। यह डेज़र्ट पास्ता या एन्टिपासतो में इस्तेमाल किया जाता है।


MasterChef Sanjeev Kapoor

Chef Sanjeev Kapoor is the most celebrated face of Indian cuisine. He is Chef extraordinaire, runs a successful TV Channel FoodFood, hosted Khana Khazana cookery show on television for more than 17 years, author of 150+ best selling cookbooks, restaurateur and winner of several culinary awards. He is living his dream of making Indian cuisine the number one in the world and empowering women through power of cooking to become self sufficient. His recipe portal www.sanjeevkapoor.com is a complete cookery manual with a compendium of more than 10,000 tried & tested recipes, videos, articles, tips & trivia and a wealth of information on the art and craft of cooking in both English and Hindi.