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चीन की उत्तम पाकशैली

चीनी खाने की माँग बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। चीनी भोजन के इस अधिक्य ने लोगों को यह सोचने में मजबूर कर दिया है कि आखिर इस पाकशैली में ऐसा खास क्या है। खैर, यदि इसका एक शब्द में जवाब चाहिये तो वह यही होगा कि चीनी भोजन ‘पौष्टिक’ होता है।

परंपरागत रूप से, चीनी भोजन और इसे तैयार करने की विधियाँ दो प्रमुख तत्व ज्ञान से प्रभावित हैं – कनफ्युशियनिज़्म और ताओइज़्म। कनफ्युशियस ने खाने में प्रकृति और रंग के महत्व पर ज़ोर डाला था और यह सिखाया था कि भोजन को समानता से पकाना और खाना चाहिये। वहीं ताओइस्ट्स् ने उन खानों पर ध्यान दिया जिससे उनका जीवनकाल और स्वास्थय बढ़ता है।

चीनी भोजन के कुछ अभिलक्षण हैं पौष्टिक, किफायती, संतुलित और स्वादिष्ट। यह कहा जा सकता है कि विश्वभर में चीनी भोजन बहुत लोकप्रिय है और इसे हम अपने हर दिन के जीवनचर्या में अनुकूलित कर सकते हैं, यह डाएट और स्वास्थ्य के बीच में और मन और आत्मा के बीच में एक मज़बूत कड़ी है। हम सब अपने जीवन में संतुलन चाहते हैं जोकि प्राचीन ताओइस्ट ‘यिन ऐण्ड यैन’ सिद्धांत पर आधारित है जिसमें संतुलन और विषमता ही मूल हैं। प्रत्येक चीनी पकवान स्वाद, बनावट, सुगंध और रंग के एक संतुलन को दर्शाता है। चाहे वह मीठा, खट्टा, तीखा, गरम, नमकीन या मसालेदार हो – चीनी ये छः बुनियादी ज़ायके बहुत चतुराई से अपने सभी व्यंजन में शामिल करते हैं।
केवल स्वाद कारक ही इस स्वादिष्ट पाकशैली का अधिक बात नहीं है। यह स्वास्थ्य में भी काफी अंक बटोरता है। नूडल्स् और चावल जैसे ऊर्जा प्रदान करने वाले कार्बोहायड्रेट्स् को यह हर मील में परोसते हैं। विटामिन्स् और मिनरल्स् प्रदान करने वाली सब्ज़ियाँ भी इस पाकशैली का एक महत्वपूर्ण अंश है। इसके अलावा खाना बनाने की विधियाँ जैसे स्टर-फ्राइंग और स्टीमिंग से खाना बनाया जाता है जिसकी वजह से खाने में सभी ज़रूरी पोषण मूल्य बने रहते हैं। माँसाहारी क्षेत्र में अधिकतर सफेद मीट्स् जैसे चिकन औे सीफूड का प्रयोग होता है, और न ही अधिक चरबी वाले सामग्री जैसे रेड मीट्स् या डेरी प्रोडक्ट्स्, जो कि बिलकुल ही नहीं या बहुत कम मात्रा में प्रयोग होते हैं।

बीते हुये वर्षों में, चीनियों ने भोजन तैयार करने कि एक जटिल प्रणालि विकसित की है और उसमें महारत हासिल की है, जैसे उन सामग्रियों को पहचानना जिससे संगत संयोजन हो; उन खाना बनाने की विधियों को अपनाना जो कि चरणबद्ध हों जैसे पहले स्टीम करना और फिर डीप-फ्राइंग या स्टर-फ्राइंग और उबालना; और चरणबद्ध प्रशासनों को फ्लेवरिंग में अपनाना जैसे रोस्टिंग के बीच वाले चरणों में या स्टीमिंग के बाद या स्टर फ्राइंग के पहले मैरिनेट करना। चीनी भोजन केवल एक ही अवधारणा नहीं है, बल्कि समान रूप से स्वादिष्ट अलग-अलग क्षेत्रीय व्यंजनों का एक संग्रह है। चीन के बाहर पाये जाने वाले सबसे प्रसिद्ध तीन हैं कैन्टोनीज़, फुजियाँ और सिचुयाँ और देश के अंदर पाये जाने वाले पाँच प्रसिद्ध हैं अन्हुई, हुनान, जिआन्गसु, ज़ेझियाँ और शैन्डॉन्ग। चीन के शब्दावली में इनको ‘एट ग्रेट कलिनरी ट्रेडिशन्स् औफ चायना’ ( चीन की आठ महान पाक परंपरा) का नाम दिया गया है।

चीनी किचन

चीनी किचन

अधिकांश चीनी व्यंजन, घरों में पाये जाने वाले सामान्य उपकरणों में कुछ जोड़-भाग करके, पकाये जा सकते हैं। बस आपके पास विभिन्न आकारों के बर्तन होने चाहिये। सामान्यतः, धीरे पकने वाले व्यंजनों के लिये घने बर्तन की ज़रूरत होती है और जल्दी पकने वाले व्यंजनों के लिये पतले बर्तन की ज़रूरत होती है।

यदि आप अधिक महत्वाकांक्षी हैं तो ज़रूर ही आप अपने किचन में कुछ चीनी बर्तन जैसे वॉक और बैम्बू स्टीमर्स डालना चाहेंगे; जो आपके लिये काफी उपयोगी भी होंगे जब आप एक बार उनका प्रयोग करना शुरु कर दें।

वॉक – सबसे पारंपरिक चीनी खाना पकाने के बर्तन को वॉक कहते हैं। यह एक कढ़ाई जैसा ही होता है, जिसका किनारा छलकाना होता है और निचला हिस्सा गोल होता है। यह लगभग सभी प्रकार के खाना बनाने के लिये प्रयोग किया जा सकता है। यह चौड़ा और फैला हुआ होता है जिस वजह से गर्मी आसानी से खाद्य पदार्थों में प्रवेश करती है और उस से खाना जल्दी तैयार होता है।

बैम्बू स्टीमर्स – ये खाने को भाप देने के लिए बहुत लाभदायक होते हैं और इन्हे एक वॉक के अंदर भी लगाया जा सकता है। बैम्बू की बनावट की वजह से भाप अच्छे से प्रसारित होती है और फिर लुप्त हो जाती है, जिससे कि लिड के अंदर कम नमी बनती है। बैम्बू स्टीमर के द्वारा हम एक ही बार में एक से अधिक खाने के परत को पका सकते हैं – बस एक और बास्केट पहले वाले बास्केट के ऊपर रख दें।

चायनीज़ स्पैच्युला – यह एक लम्बे हैन्डल वाला चौड़ा शोवल जैसा स्पैच्युला होता है जो अधिकतर वॉक में स्टर-फ्राइंग करने के लिये प्रयोग होता है। इसे चीनी ‘वॉक साँग’ भी कहते हैं। इस स्पैच्युला ब्लेड का किनारा गोल होता है जो एक वॉक में फिट हो जाता है और यह खुद ही काफी मज़बूत बर्तन है जिससे काफी मात्रा में आसानी से स्टर्रिंग और टॉस्सिंग की जा सकती है और इसकी मदद से वॉक में से खाना निकाला भी जा सकता है।

चायनीज़ वायर स्ट्रेनर – यह एक चौड़ा और चपटा लम्बा बैम्बू मूठ वाला जाल तार है जिसे गरम तेल में से तले हुये खाद्य पदार्थ या उबलते पानी में से नूडल्स् निकालने में प्रयोग किया जाता है। यह धातु के बने छेद वाले स्ट्रेनर के मुकाबले काफी अच्छी तरह से तेल या द्रव को छान देता है।

सिज़्ज़लिंग प्लैटर – सिज़्ज़लिंग प्लैटर व्यंजनों को “आयरन प्लेट” व्यंजन भी कहा जाता है। इनका नाम यह इसलिये पड़ा क्योंकि यह एक भारी लोहे की थाली है जो परोसने के लिये उपयोग किया जाता है। इस थाली को अधिक तापमान पर गरम किया जाता है, फिर एक लकड़ी के ट्रे पर रखा जाता है और टेबल तक लेकर जाया जाता है। गरमागरम स्टर फ्राइड खाना इसके ऊपर रखने से वह सिज़्ज़ल ( छन्न) होता है जो कि काफी मज़्ज़ेदार लगता है।

क्ले पॉट – क्ले पॉट की बनावट इस प्रकार होती है जिससे खाना परोसने में यदि देर भी हो जाये तो भी खाना गरम ही रहता है। क्ले पॉट्स् सूप्स् और हॉट पॉट्स् में एक अवर्णनीय स्वाद प्रदान करते हैं।

लॉन्ग वुडन चॉपस्टिक्स् – चीनी चॉपस्टिक्स् का प्रयोग ज़्यादातर तलने के समय वॉक में खाना डालने या निकालने के लिये प्रयोग करते हैं।

चायनीज़ क्लिवर्स – ये तीन वज़न में मिलते हैं: भारी, मध्यम और हल्का। हल्के वालों को चायनीज़ शेफ नाइफ भी कहा जाता है जिसमें छोटे ब्लेड होते हैं और वे डायसिंग, पीलिंग, मिन्सिंग, कटिंग, क्रशिंग, स्लाइसिंग और श्रेडिंग के लिये प्रयोग किये जाते हैं। मध्यम वाला मीट को पाउन्ड और टेन्डराइज़ करने के लिये प्रयोग किया जाता है। इससे खाने को स्कूप भी किया जा सकता है और इसके हैन्डल के अंत से मसालों को पीसा भी जा सकता है। भारी वाले क्लिवर्स में सबसे मोटे ब्लेड होते हैं और इनका प्रयोग अधिकतर हड्डियों को हैक करने के लिये या सख्त पदार्थों को काटने के लिये किया जाता है।

चीनी खाद्य सामग्री

चीनी खाद्य सामग्री

चीनी भोजन ने अपने स्वादिष्ट स्वाद और अद्भुत पकाने के तरीके की वजह से पूरे दुनियाभर में प्रसिद्धि प्राप्त की है। बीते हुये वर्षों में भोजन वरीयतायें संशोधित संस्करण के साथ बदले हैं।

चलिये इन्हे शाकाहारी और माँसाहारी वरीयताओं के साथ आसान कर देते हैं। चीनी शाकाहारी व्यंजन में अकसर सब्ज़ियों की अनेक प्रकार होते हैं जैसे बाइ चाइ, शिताके मशरूम, पत्तागोभी, स्प्राउट्स् और मकई। माँसाहारी व्यंजन में होते हैं अंडे, पोर्क, बीफ, चिकन, लैम्ब और सीफूड।

चीनी भोजन में अधिकतर स्वाद उनके विशिष्ट सामग्री से आता है। तेल का प्रयोग बहुत महत्वपूर्ण है। चीनी पाकशैली में प्रयोग किये जाने वाला सबसे प्रसिद्ध तेल है पीनट आइल। अन्य हैं अखरोट तेल और मकई का तेल। तिल का तेल का उपयोग छिड़कने के लिए और स्वाद देने के लिये किया जाता है पर तल नेके लिये नहीं। परंतु मक्खन, मारजरिन, घी और ऑलिव आइल का खाना बनाने में कभी भी उपयोग नहीं किया जाता है, जब तक रेसिपी में उसकी माँग न हो।

चीनियों में अपने पकवान को बढ़ावा देने के लिये हर्ब्स और मसालों का प्रयोग करने की लम्बी परंपरा है। कोई भी चीनी रेसिपी पकाना शुरु करने से पहले तेल को अदरक और ताज़े रूट जिंजर से परिपक्व किया जाता है। ताज़ा स्वाद और सुगंध लाने के लिये इनका प्रयोग बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। अक्खे लाल मिर्च भी चीनी पकवान में महत्वपूर्ण होते हैं। तीखापन लाने के लिये इनका उपयोग या तो ताज़ा कूटकर, टोस्ट करके या तल कर किया जाता है। चीनी पकवान में सबसे मूल और अधिक प्रयोग किया जाने वाला हर्ब है ताज़ा हरा धनिया। इसे काटकर अंत में डाला जाता है जिसके बाद गरमाहट से इसकी सुगंध और स्वाद खाने में आ जाती है।

इन पाकशैली की एक और खासियत है फाइव स्पाइस पावडर। यह कुछ पिसे हुये खुशबुदार मसालों का, जैसे – फूलचक्री, सिचुआं कालीमिर्च, सौंफ, लौंग और दालचीनी, का मिश्रण होता है। चुटकीभर फाइव स्पाइस पावडर डालने से एक लाजवाब तीखा और खुशबुदार स्वाद मिलता है। फूलचक्री, जो एक सूखा, तारे की आकार का फली होता है, जिसका तीव्र और मीठा स्वाद होता है। यह चीनी पकवान में प्रयोग किये जाने वाले प्रमुख मसालों में से एक है।

चीनी पकवान में हज़ारों सॉस और मसालों का प्रयोग होता है। इन्हे बिना प्रयोग किये बिना हमारे नूडल्स् और सूप्स अधूरे से लगते हैं। सोया सॉस, चिल्ली आइल और विनेगर इनका आधार बनाते हैं। सोया सॉस को सोया बीन और गेहूँ से बनाकर परिपक्व किया जाता है। इसका स्वाद नमकीन होता है और यह काले-भूरे रंग का होता है। यह दो तरीकों क पाया जाता है – डार्क सोया सॉस और लाइट सोया सॉस। चिल्ली आइल को सूखे लाल मिर्च को ग्राउन्ड नट आइल में गरम करके बनाया जाता है। हम जो वाइट विनेगर प्रयोग करते हैं असल में वह राइस विनेगर होता है। राइस विनेगर अधिक पौष्टिक होने के साथ-साथ एक विशिष्ट मीठे स्वाद वाला होता है। होयसिन सॉन, ऑयस्टर सॉस और सिचुआं सॉस भी मीट, सब्ज़ियाँ, मैरिनेड पकाने के लिये और चावल या नूडल्स् को स्वादिष्ट करने के लिये प्रसिद्ध हैं।


MasterChef Sanjeev Kapoor

Chef Sanjeev Kapoor is the most celebrated face of Indian cuisine. He is Chef extraordinaire, runs a successful TV Channel FoodFood, hosted Khana Khazana cookery show on television for more than 17 years, author of 150+ best selling cookbooks, restaurateur and winner of several culinary awards. He is living his dream of making Indian cuisine the number one in the world and empowering women through power of cooking to become self sufficient. His recipe portal www.sanjeevkapoor.com is a complete cookery manual with a compendium of more than 10,000 tried & tested recipes, videos, articles, tips & trivia and a wealth of information on the art and craft of cooking in both English and Hindi.