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ज़्यादातर खाद्द-प्रेमियों के जिह्वा पर स्ट्रीट फूड का स्वाद चढ़ा रहता है। चाहे वह मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता या चेन्नई हो, या जयपूर, इंदौर, हैदराबाद हो---एक ही धागा पूरे भारत को एक सूत्र में बाँधकर रखता है: स्ट्रीट फूड को खाने का आंनद, भेलपूरी, पानी पूरी या फुचका, मसाला मूड़ी, घुघनी, डोसा, इडली-मेंदु वड़ा, सैंडविच, वड़ा पाव या गाढ़े दूध की कटिंग चाय पीने का आनंद उठाना सभी पसंद करते हैं!

किसी भी शहर का स्ट्रीट फूड उस जगह के संस्कृति को दर्शाता है। अगर किसी जगह के स्ट्रीट फूड के वैभिन्नता को कल्नरि मानचित्र पर दर्शायेंगे तो वह जगह जीवन के विभिन्न आकर्षण से भरपूर मिलेगा।

 

विभिन्न राज्य के पाकशैली की विशेषताएं

जैसा कि पहले उल्लेख कर दिया गया है कि भारत विभिन्न संस्कृति और भाषा का देश है। बहुत तरह के रोचक खाद्द का यहाँ भरमार है जिनमें ज़्यादा संख्या स्ट्रीट कॉरनर्स का होता है। हर शहर की खास चीज़ें होती हैं जो देश-विदेश के सैलानियों को आकर्षित करती हैं। चाहे वह अमृतसर के लारेंस रोड की जलेबी हो, कोलकाता का कुरकुरा पनीर पकौड़ा, रोल, मसाला मूड़ी, फुचका, पुरानी दिल्ली का मटर चाट, इंदौर के सराफा का भूट्टे की खीस, मावा बट्टी और मुम्बई का सर्वोत्कृष्ट भेलपूरी, सेवपूरी, वड़ा पाव, समोसा, भजिया, रगड़ा पैटिस या दक्षिण भारत का गर्म इडली, मेंदु वड़ा, उत्तपम और डोसा यह सभी व्यंजन चलते-फिरते भूखे मनुष्य के जीवन को सरल बना देते हैं।

वास्तविक फास्ट फूड क्या है

स्ट्रीट फूड सभी छोटे-बड़े शहरों में अच्छा होता है और विक्री भी बहुत होता है, इसके दो कारण है: यह ताज़ा बनाया जाता है और कम दाम में मिलता है। खाना परोसने के लिए इंतज़ार नहीं करना पड़ता है! जो लोग पौष्टिकता में कमी, स्वच्छता और सही तरह से बैठने में कमी के लिए नुक्स निकालते हैं वे इस तरह के खाने के जगह का आनंद नहीं उठा पायेंगे। एक चीज़ कहा जा सकता है कि यहाँ खाना बासी नहीं परोसा जाता है। विक्री इतनी ज़्यादा होती है कि कभी-कभी तो खाना मिनिटों में खत्म हो जाता है। वैसे तो पश्चिम का बरगर, पीज़ा और सैंडविच आराम से वातानुकूलित परिवेश में खाने का सहुलियत प्रदान करता है लेकिन तब भी स्ट्रीट फूड फास्ट फूड के क्षेत्र में विजेता है और बरगर, पीज़ा के पहले से ही यह अपना स्थान बना चुका है।

 

ट्रेड सीक्रेट

जब स्ट्रीट फूड की बात आती है तब हमारे दिमाग में सबसे पहले चाट की बात आती है! हम घर पर जो चाट बनाते हैं वह स्थानीय चाटवाला के चाट से अलग होता है। क्यों? सामान्य-सी बात यह है कि सभी वेन्डर के पास अपनी खास रेसिपी होती है या बनाने का तरीका होता है और इसीलिए बाहर का खाना चटपटा होता है।

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MasterChef Sanjeev Kapoor

Chef Sanjeev Kapoor is the most celebrated face of Indian cuisine. He is Chef extraordinaire, runs a successful TV Channel FoodFood, hosted Khana Khazana cookery show on television for more than 17 years, author of 150+ best selling cookbooks, restaurateur and winner of several culinary awards. He is living his dream of making Indian cuisine the number one in the world and empowering women through power of cooking to become self sufficient. His recipe portal www.sanjeevkapoor.com is a complete cookery manual with a compendium of more than 10,000 tried & tested recipes, videos, articles, tips & trivia and a wealth of information on the art and craft of cooking in both English and Hindi.