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सब्ज़ी की श्रेष्ठता की यथार्थता :

नए साल में डाएटरी के संबंध में एक संकल्प है, जो आजकल चल रहा है, वह है “हरियाली का मंत्र”। मैं सोचता हूं कि इस मौसम को संबोधित करने का यही सबसे उपयुक्त विषयवस्तु है। हरियाली की उत्क्रांति की जाँच करें तो यह पाएंगे कि इसके लिए समय, प्रयास और परिस्थितयों को जानने की ज़रूरत होती है, जिससे हम आकार देने की कोशिश कर सकते हैं। माँसाहारी खाने वालों को उत्साह से कूदने से पहले मैं एक विकल्प देना चाहता हूं यह भी बता दूं कि मैं माँसाहारी खाने वालों के खिलाफ नहीं हूं। यहाँ निश्चित रूप से किसी को गलत या सही नहीं ठहराया जा रहा है।

अपरिहार्य रूप से हरा का विकल्प इन दिनों लोगों को आकर्षित कर रहा है इसका कारण है हरे सब्ज़ियों के आहार की सादगी और आधुनिक श्रमसाध्य जीवन शैली की माँग है। ज़्यादा से ज़्यादा लोग कई कारणों से नए साल का यही संकल्प ले रहे हैं। कुछ लोग जानवरों के कल्याण के बारे में चिंता करके या फिर नैतिक कारणों से क्योंकि वे जानवरों के मृत्यु को सहन नहीं कर पा रहे हैं। यह धार्मिक कारण भी हो सकता है। यह स्वास्थ्य का मुद्दा या स्फीति का मामला या घर के आर्थिक संतुलन का मामला भी हो सकता है। जो भी हो, मेरे विचार से कई तरह के कारणों को मिलाकर लोग हरियाली की तरफ दौड़ रहे हैं। इस जीवनशैली का चुनाव बहुत ही व्यक्तिगत है।

शाकाहारी आहार तो संपूर्ण आहार होता है। विशेषज्ञ के सलाहनुसार शाकाहारी आहार में यानि फलों और सब्ज़ियों में कम मात्रा में सैचुरेटेड फैट, उच्च मात्रा में फाइबर, भरपूर मात्रा में कॉमप्लेक्स कार्बोहाइड्रेड रहता है। यह स्वास्थ्यवर्द्धक विकल्प और अच्छा संतुलित आहार है। बहुत लोगों का मानना है कि डाएट/आहार में बिना माँस के पौष्टिकता पूर्ण नहीं होती है। चलिए मैं आपको एक महत्वपूर्ण सच्चाई से अबगत कराता हूं, वह है संतुलित शाकाहारी आहार कि जीवन के हर स्तर पर ज़रूरत होती है, जैसे - गर्भावस्था के दौरान, दुग्धदायिनी माँ के लिए, शिशु के लिए, बच्चे के लिए और वयस्कों के जनसंख्या के लिए सलाह दी गई है और स्वीकार भी किया गया है।

चलिए हम स्वास्थ्य के क्षेत्र में सब्ज़ियों से मिलनेवालों लाभों की तरफ नज़र डालते हैं। शाकाहारी आहार में फैट की मात्रा कम होती है और शाकाहारी खाने वालें माँसाहारी खाने वालें की तुलना में ज़्यादा पॉलीअनसैचुरेटेड फैट ग्रहण करते हैं। माँसाहारी ऐनिमल प्रोडक्ट और मीट से ज़्यादा सैचुरेटेड फैट ग्रहण करते हैं। शाकाहारी आहार में हरे पत्तेदार सब्ज़ियाँ और ताज़ा फल रहती हैं जो सेल्युलोस और बायोएक्टिव कम्पाउन्ड से परिपूर्ण होती हैं और यह दो महत्वपूर्ण तत्व इस बात का आश्वासन देता है कि हरे सब्ज़ियों के सेवन से हमें बहुतायत मात्रा में स्वास्थ्य को लाभ पहुंचता है। यह हरे पत्तेदार सब्ज़ियाँ ज़रूरी मिनरल और एन्ज़ाइम को लिए हुए होते है, जो ज़रूरी शारीरिक प्रणाली और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। पूर्व के मान्यता के अनुसार ज़्यादातर लोगों का मानना है कि रोज़ के खपत से प्रोटीन या फैट या विटामिन मैलन्यूट्रिशन मिलता है। शाकाहारी आहार को लेकर लोकप्रिय मिथकों को अच्छी तरह समझते हैं।

ज़्यादातर शाकाहारी आहार ग्रहण करने वाले प्रोटीन, फैट और विटामिन ज़्यादा प्राप्त नहीं कर पाते हैं।

शाकाहारी करी और दाल के द्वारा रोज़ के ज़रूरत के प्रोटीन की आपुर्ति हो जाती है। लेगुम्स भी आसानी से हजम हो जाते हैं।

दूसरा, विटामिन बी12 पर्याप्त नहीं रहता है - व्हीट ग्लूटेन, सोया मिल्क, दही और दूध से शाकाहारी के बी12 की ज़रूरत पूर्ण हो जाती है।

ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी ऐसिड शरीर खुद उत्पादन नहीं कर सकता है। शाकाहारी आहार अपने खाद्द के द्वारा यह जवाब देता है कि ऑलिव, ऑलिव आइल, अखरोट, टोफू, बादाम तेल, सूर्यमुखी तेल और कैनोला आइल से यह भी संभव हो जाता है।

स्वास्थ्य लाभ ही सबसे बड़ा कारण है कि लोग हरियाली की तरफ दौड़ रहे हैं। सब्ज़ी की श्रेष्ठता हमें अच्छा विकल्प देता है, वह है कम मात्रा में सैचुरेटेड फैट के साथ-साथ कोलेस्ट्रोल, कॉमप्लेक्स कार्बोहाइड्रेठ का ज़्यादा अंतर्ग्रहण और डाएटरी फाइबर, पर्याप्त मात्रा में मिनरल और विटामिन। सालों के विभिन्न प्रकार के अनुसंधान से पता चलता है कि जो लोग शाकाहारी आहार ग्रहण करते हैं उन्हें हृदय संबंधी, मोटापा, हाइपरटेनशन, टाइप-2 मधुमेह, विपुटिता और ब्रेस्ट कैन्सर की बिमारी की संभावना कम हो जाती है।

पौष्टिकता के दृष्टि से शाकाहारी आहार संतुलित होता है। मैं सोचता हूं कि ज़रूरत के अनुसार पहले से योजना बनाकर, फल और सब्ज़ियों के आहार के वैभिन्नता को ऐसे सजाएँ कि वह रोचक लगे। हर घंटा और ज़रूरत हरियाली की ही माँग कर रहा है। सोचिए कि, ये हमें विभिन्न प्रकार की पौष्टिकता प्रदान कर रहे हैं साथ ही हमारी मृत्युदायक बिमारी से रक्षा करते हैं। इसलिए आश्चर्य नहीं होता है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में लोग हरियाली की तरफ अपनी दिशा को बदल रहे हैं। इसलिए इस नए साल में हरियाली की तरफ हम ‘थम्बस अप’ कर रहे हैं और साथ ही स्वास्थ्य और हरी संपदा को नया साल मुबारक हो।

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Chef Sanjeev Kapoor is the most celebrated face of Indian cuisine. He is Chef extraordinaire, runs a successful TV Channel FoodFood, hosted Khana Khazana cookery show on television for more than 17 years, author of 150+ best selling cookbooks, restaurateur and winner of several culinary awards. He is living his dream of making Indian cuisine the number one in the world and empowering women through power of cooking to become self sufficient. His recipe portal www.sanjeevkapoor.com is a complete cookery manual with a compendium of more than 10,000 tried & tested recipes, videos, articles, tips & trivia and a wealth of information on the art and craft of cooking in both English and Hindi.