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सही जोड़ीदार का इस्तेमाल खाने को रोचक बनाये :

सहायक खाद्द-पदार्थ जैसे चटनी, रायता और डिप न सिर्फ मूल व्यंजन के विशेषता या ज़ायके को चार-चाँद लगाता है वरन् नाश्ता या मील को पूर्णता भी प्रदान करता है। इन स्वादिष्ट दिलचस्प खानों की दो क्रियाएँ हैं- मीठा, खट्टा, गरम और नमकीन स्वाद के तीखे वैशम्य से रूचि से उत्सुक करना और विटामिन और मिनरल के संयोग से मील को संतुलित करना।

चटनी एक मसालेदार चीज़ है जो सब्ज़ी/फल, मसालों या हर्बस् से बनती है। चटनी ताज़ी और पकाई हुई दोनों होती है, चटपटी होती है ... दूसरे व्यंजन के परोसने के बीच में स्वराघात उत्पन्न करती है। साधारण भारतीय लंच में चावल, सब्ज़ी और दही के 108 विविध प्रकार हैं, लेकिन चटनी या अचार के बिना स्वाद नहीं आता है।

आयुर्वेद के अनुसार हम जो फल खाद्द-पदार्थ खाते हैं, उसमें सबसे विशुद्ध अवस्था में पाया जाता है। फल ओजस को बढ़ाता है, पाचन-क्रिया का बारीक उप-उत्पाद है। आयुर्वेद में माना जाता है कि यह अपने जीवन का पोषण खुद करता है। ताज़े फल की चटनी खाने का स्वाद बढ़ाता है और बहुत सारे स्वाद की संख्या को भी जोड़ता है, कभी-कभी तो आयुर्वेद के सलाहनुसार जो छह स्वादों की बात कही गई है वह हर भोजन में शामिल हो जाते हैं। मसालेदार चटनी उदासिन व्यंजनों को संतुलित करती है और मीठी चटनी मसालेदार व्यंजनों को संतुलित करती है। समकालीन समय में ताज़े फल की चटनी (परम्परागत रूप से आयुर्वेद के भोजन का एक अंश है) की सलाह दी जाती है। वह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ भोजन में पौष्टिकता को बढ़ाने में मदद करती है और पाचन शक्ति को भी बढ़ाती है। आधुनिक पौष्टकता इसको और भी सराहता है क्योंकि फल में विटामिन और मिनरल तत्व अंतर्निहित होता है (विशेषकर विटामिन ‘सी’ और ‘ए’) जो प्राकृतिक रूप से एन्टिऑक्सिडेंट बनाता है और शरीर को फ्री-रैडिकल से होने वाले क्षति से बचाता है।

कुछ क्षेत्रों में चटनी सहायक की भूमिका से ज़्यादा कार्य करती है, वह व्यंजन के लिए ज़रूरी चरित्र बन जाता है। उदाहरणस्वरूप, दक्षिण भारतीय में दोसा और इडली ताज़े नारियल की चटनी के बिना कभी भी परोसे नहीं जाते हैं और उत्तरी भारत का दही भल्ला के साथ अनिवार्य रूप से खट्टी-मीठी इमली की चटनी परोसी जाती है। इडली, दोसा, वड़ा, उत्तपम, समोसा, कटलेट, टिक्की, कबाब जैसे भारतीय नाश्ता बिना चटनी के अपूर्ण हैं। मीठी चटनी दिलचस्प ब्रेड स्प्रेड बन सकती है और पनीर के साथ परोसी जा सकती है। परांठा और रोटी के साथ भी अच्छा मेलबंधन बैठता है।

कच्ची चटनी का ताज़ा इस्तेमाल होना चाहिए लेकिन यदि संरक्षित करना चाहते हैं तो फ्रिज में दो से तीन दिन रख सकते हैं। चटनी पका कर ढक कर फ्रिज में रख दें, इसको सप्ताह भर में खपत कर लें। आम और अपरिकॉट की मीठी चटनी जैम की तरह घनत्व वाला होती हैं, लंबे समय तक संरक्षित करने के लिए खमीर होने से बचाएँ। अगर विनेगर का इस्तेमाल किया जाता है तो अच्छे परिरक्षक का काम करता है और चटनी महीनों तक संरक्षित करके रखी जा सकती है।


 

रायता

प्राकृतिक दही के तरफ देखें। इससे मीट को मैरिनेड किया जाता है - मुलायम करता है – खटाई देती है, क्रीमी स्वाद भी देती है और सॉस की सामग्री के रूप में इस्तेमाल होती है। प्रोटीन से भरपूर होती है। दही जब रायता बन जाती है तब भोजन को पूर्ण पौष्टिकता प्रदान करती है। इसके ठंडे प्रभाव के कारण, दही मसालेदार करी के ताप को प्रभावहीन बनाती है। दही के साथ सब्ज़ी और मसाला देने से भारतीय व्यंजन के साथ रोचक समन्वय हो जाता है।

सबसे प्रलोभित करने वाला पुदीने के स्वाद वाला रायता जिसमें उबला हुआ आलू डाला जाता है। हल्के हरे खीरे के साथ दही में राई का छौंक मारने से और भी ज़ायकेदार बन जाता है। यह एक अच्छा नाश्ता बन सकता है, जिसको फ्रिज में संरक्षित भी रख सकते हैं। थकान, गर्मी और भूख का कोई दावा करे तो उसे फ्रिज से निकालकर यह दें। यह बहुत आसान है, खीरे का छिलका छुड़ाकर ग्रेट कर लें और अतिरिक्त पानी को निचोड़कर निकाल लें। फेंटते हुए दही में खीरा डालकर, ऊपर से नमक, काली मिर्च और भूना हुआ जीरा पावडर डालें।


 

डिप

डिप ठंडा, क्रीमी या उग्र गरम होता है, सामान्य रूप से खाने को सजीव बनाने के लिए बनाया जाता है! आप हर एक के स्वाद और इच्छानुसार इसको बना सकते हैं, ज़्यादा रिच या कम फैट का या मसालेदार या फीका बना सकते हैं। चिप्स या क्रुडाइट्स के साथ एक या दो डिप, गरम या ठंडा, पार्टी के लिए अनिवार्य स्टफ, किसी भी स्टाईल के लिए पूरक होता है। यह सार्वजनीन रूप से सिर्फ लोकप्रिय नहीं है बल्कि बनाने और परोसने में आसान और स्वादिष्ट भी होता है। यह लोकप्रिय इसलिए होता है क्योंकि डिप रेसिपी पहले से बनाकर फ्रिज में रख सकते हैं। परोसने के ठीक पहले इसको निकालें।

डिप विविध प्रकार के होते हैं सिर्फ चिप्स के साथ नहीं चलते हैं वरन् पार्टी में तो यह लोकप्रिय होते हैं। फीका व्यंजन और ग्रिल्ड व्यंजन के साथ इस्तेमाल होता है (आप सालसा को शामिल कर सकते हैं और भी स्वादिष्ट करने के लिए)। सुपर मार्केट के शेल्फ रेडिमेड डिप से भरे रहते हैं, उनमें कुछ तो स्वाद में बहुत साहसी होते हैं लेकिन घर के अपने रसोई का बना डिप ज़्यादा किफ़ायती और अच्छा होता है।

रेडिमेड खरीदने पर महँगा तो होता ही है (पार्टी के मेनु में सिर्फ स्ट्राटर का एक अंश होता है) साथ ही यह डर लगा रहता है कि स्वाद अच्छा है कि नहीं, नहीं तो पूरा बरबाद हो जाएगा। अतः बाहर से खरीदने की क्या ज़रूरत है अगर घर पर ही जल्दी और आसानी से स्वादिष्ट डिप आप खुद बना सकते हैं।

ज़्यादातर डिप रेसिपी को पकाने की ज़रूरत नहीं होती है, वह फल और सब्ज़ी पर निर्भर करता है, सिर्फ हर्बस् या लहसुन और मिर्च से स्वाद को बढ़ाने की ज़रूरत होती है। पकाने की ज़रूरत नहीं है, भूखे बच्चों के लिए या अचानक आए अतिथी के लिए सबसे जल्दी बनने वाला डिप है।

जिस भी प्रकार का डिप आप बनाने जा रहे हों केवल इस बात का ध्यान रखें कि उसके जोड़ीदार का स्वाद और टेक्सचर सही बैठे। जैसे भी आप इसको परोसें यह ध्यान में रखें कि वह भोजन के स्वाद को ज़रूर बढ़ाए।

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MasterChef Sanjeev Kapoor

Chef Sanjeev Kapoor is the most celebrated face of Indian cuisine. He is Chef extraordinaire, runs a successful TV Channel FoodFood, hosted Khana Khazana cookery show on television for more than 17 years, author of 150+ best selling cookbooks, restaurateur and winner of several culinary awards. He is living his dream of making Indian cuisine the number one in the world and empowering women through power of cooking to become self sufficient. His recipe portal www.sanjeevkapoor.com is a complete cookery manual with a compendium of more than 10,000 tried & tested recipes, videos, articles, tips & trivia and a wealth of information on the art and craft of cooking in both English and Hindi.